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EUR/USD मुद्रा जोड़ी में सोमवार को एक बार फिर बेहद शांत कारोबार देखने को मिला। पूरे दिन के दौरान यूरो में लगभग 40 पिप्स की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इस उतार-चढ़ाव का कोई विशेष महत्व नहीं था, क्योंकि यह जोड़ी लगातार चौथे सप्ताह भी एक साइडवेज़ (Flat) चैनल के भीतर कारोबार कर रही है। केवल 40 पिप्स की चाल को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि बाजार फ्लैट स्थिति से बाहर निकल गया है।
पिछले सप्ताह ऐसा लगा था कि यूरो ने 1.1461 के स्तर के ऊपर टिककर साइडवेज़ चैनल से ब्रेकआउट कर लिया है। लेकिन वह अपनी तेजी को आगे जारी नहीं रख सका। परिणामस्वरूप, कीमत एक बार फिर 1.1362 और 1.1461 के बीच के दायरे में लौट आई है।
सोमवार को कोई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े या प्रमुख घटनाएं नहीं थीं, लेकिन भू-राजनीतिक समाचार लगातार आते रहे। खबरें मिलीं कि यमन के हूती विद्रोही जल्द ही बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab-el-Mandeb Strait) को अवरुद्ध कर सकते हैं, जबकि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान का विस्तार करने और नए हमलों की तैयारी कर रहा है। इससे स्पष्ट है कि फिलहाल न तो बातचीत की कोई संभावना दिखाई दे रही है और न ही युद्धविराम (Ceasefire) की। दोनों पक्ष फिर से अपने मतभेदों का समाधान सैन्य कार्रवाई के माध्यम से करने की ओर बढ़ चुके हैं। हालांकि, फिलहाल अमेरिकी डॉलर को इससे कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है, क्योंकि बाजार अनिश्चितकाल तक केवल भू-राजनीतिक घटनाओं के आधार पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकता।
तकनीकी दृष्टिकोण से, इस जोड़ी में तेजी (Bullish Momentum) के केवल मामूली संकेत मौजूद हैं, लेकिन कुल मिलाकर बाजार अब भी साइडवेज़ बना हुआ है। कीमत फिर से 1.1362–1.1461 के दायरे में लौट आई है और पिछले कुछ सप्ताहों की तेजी इतनी कमजोर रही है कि उसे स्पष्ट ट्रेंड कहना मुश्किल है।
फ्लैट बाजार में Ichimoku इंडिकेटर की Senkou Span B और Kijun-sen जैसी रेखाएं भी कमजोर संकेत देती हैं। इसके अलावा, बाजार की वोलैटिलिटी (Volatility) भी अभी कम बनी हुई है।
5-मिनट के चार्ट पर सोमवार को केवल एक सेल (Sell) सिग्नल बना था। हालांकि, जैसा कि अनुमान लगाया जा सकता था, यह ट्रेडरों के लिए लाभदायक साबित नहीं हुआ। कीमत Senkou Span B और Kijun-sen लाइनों के नीचे तो स्थिर हुई, लेकिन इसके बाद बाजार में कोई उल्लेखनीय चाल नहीं आई और वहीं पर गतिविधि लगभग समाप्त हो गई।
सबसे हालिया COT रिपोर्ट 14 जुलाई की है। साप्ताहिक (Weekly) चार्ट पर दिए गए चित्र से स्पष्ट होता है कि गैर-व्यावसायिक ट्रेडरों (Non-commercial Traders) की नेट पोज़िशन अभी भी तेजी (Bullish) के पक्ष में है, लेकिन भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण इसमें उल्लेखनीय कमी आई है। पिछले कुछ महीनों में ट्रेडरों ने यूरो बेचकर अमेरिकी डॉलर में अपनी होल्डिंग बढ़ाई है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है, लेकिन इस दौरान अमेरिकी डॉलर ने अस्थायी रूप से "रिज़र्व करेंसी (Reserve Currency)" की भूमिका निभाई। हालांकि, अब ऐसा प्रतीत होता है कि यह प्रभाव समाप्त होने की ओर है।
हम अब भी ऐसा कोई मजबूत मौलिक (Fundamental) कारण नहीं देखते जो यूरो को मजबूती प्रदान करे, जबकि अमेरिकी डॉलर में गिरावट के समर्थन में कई कारक मौजूद हैं। मध्य पूर्व का युद्ध कुछ समय के लिए डॉलर को बेहद आकर्षक बना गया था, लेकिन जब इस कारक का प्रभाव समाप्त होगा, तो स्थिति फिर पहले जैसी हो सकती है। संभव है कि यह प्रभाव अब समाप्त भी हो चुका हो।
दीर्घकाल (Long Term) में यूरो 1.08 डॉलर (ट्रेंड लाइन के आसपास) तक गिर सकता है, लेकिन इसके बावजूद लंबी अवधि का तेजी का रुझान (Uptrend) अभी भी बरकरार रहेगा। पिछले कुछ महीनों में डॉलर की मजबूती के बावजूद यह मुद्रा जोड़ी अभी तक उस ट्रेंड लाइन के काफी करीब नहीं पहुंची है।
इंडिकेटर की लाल (Red) और नीली (Blue) रेखाओं की स्थिति यह दर्शाती है कि फिलहाल खरीदारों (Bulls) और विक्रेताओं (Bears) के बीच लगभग संतुलन बना हुआ है। पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान Non-commercial श्रेणी में लॉन्ग पोज़िशन की संख्या 6,900 बढ़ी, जबकि शॉर्ट पोज़िशन में 3,300 की वृद्धि हुई। परिणामस्वरूप, सप्ताह के दौरान नेट पोज़िशन में कुल 3,600 कॉन्ट्रैक्ट्स की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
1-घंटे (1H) के चार्ट पर दो महीने से चल रहे डाउनट्रेंड के भीतर एक सुधारात्मक तेजी (Corrective Uptrend) अभी भी बनी हुई है, हालांकि यह संरचना किसी स्पष्ट ट्रेंड की बजाय साइडवेज़ (Flat) बाजार जैसी अधिक दिखाई देती है।
मध्य पूर्व की स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और इसमें सुधार के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। इसके बावजूद बाजार यूरो के पक्ष में मौजूद कई सकारात्मक कारकों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है, जिसके कारण यूरो में उल्लेखनीय मजबूती देखने को नहीं मिल रही है। पिछले कुछ सप्ताहों की कीमतों की चाल ऐसा संकेत देती है कि बाजार शायद एक नई गिरावट की तैयारी कर रहा है।
इसके अलावा:
ध्यान रखें कि Ichimoku इंडिकेटर की रेखाएं दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल तय करते समय इसे ध्यान में रखना चाहिए।
यदि कीमत आपके अनुमानित दिशा में 15 पिप्स तक बढ़ जाती है, तो स्टॉप-लॉस (Stop Loss) को ब्रेक-ईवन (Break Even) पर स्थानांतरित कर देना चाहिए। इससे गलत सिग्नल मिलने की स्थिति में संभावित नुकसान सीमित किया जा सकता है।
मंगलवार को निम्नलिखित रिपोर्टें जारी होंगी:
हम इन तीनों रिपोर्टों को द्वितीयक (Secondary) महत्व का मानते हैं, इसलिए इनसे बाजार में किसी बड़ी प्रतिक्रिया की संभावना कम है। सबसे अधिक संभावना यही है कि आज भी बाजार साइडवेज़ (Flat) बना रहेगा।