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EUR/USD का 5-मिनट टाइमफ्रेम पर विश्लेषण (Analysis EUR/USD 5M)
EUR/USD करेंसी पेयर में शुक्रवार को गिरावट का एक नया दौर शुरू हुआ, जिसकी मुख्य वजह एक ही घटना थी — जर्मनी की महंगाई दर (Inflation) से जुड़ी रिपोर्ट।
उस दिन कम से कम चार महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े जारी किए गए। इनमें से दो यूरो के समर्थन में थे, जबकि दो यूरो के खिलाफ थे। अब सवाल यह है कि बाजार ने किस रिपोर्ट के आधार पर प्रतिक्रिया दी? स्वाभाविक रूप से, उस रिपोर्ट के आधार पर जिसने डॉलर को समर्थन दिया।
अक्टूबर में जर्मनी की वार्षिक CPI (Consumer Price Index) महंगाई दर 3.3% से घटकर 2.8% हो गई। यह गिरावट बाजार के लिए इतनी महत्वपूर्ण साबित हुई कि ट्रेडर्स ने जर्मनी और पूरे यूरोजोन की मजबूत GDP रिपोर्टों को भी नजरअंदाज कर दिया।
ट्रेडर्स ने निष्कर्ष निकाला कि यदि यूरोजोन की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी में महंगाई धीमी हो रही है, तो यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) आगे ब्याज दरें बढ़ाने की अपनी योजना छोड़ सकता है या अधिक नरम रुख (Dovish Stance) अपना सकता है।
हालांकि, वास्तविकता यह है कि केवल एक रिपोर्ट से ECB की मौद्रिक नीति निर्धारित नहीं होती।
इसके दो प्रमुख कारण हैं:
हम ECB के नरम रुख (Dovish ECB) की संभावना तभी मानेंगे, जब पूरे यूरोजोन में महंगाई दर में काफी गिरावट आएगी। वह भी तभी, जब मध्य पूर्व का संघर्ष निर्णायक रूप से समाप्ति की दिशा में बढ़ेगा।
तेल की कीमत पहले से ही आराम से 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रही है। यदि अमेरिकी चुनावों के बाद मध्य पूर्व का संघर्ष दोबारा शुरू होता है, तो इस सर्दी में तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में महंगाई कम होने (Disinflation) की कोई संभावना नहीं रह जाएगी।
तकनीकी रूप से गिरावट का ट्रेंड (Downtrend) समाप्त होने के करीब हो सकता है, क्योंकि ट्रेंडलाइन टूट चुकी है।
यदि कीमत मजबूती के साथ Senkou Span B लाइन को पार कर जाती है, तो यूरो में तेजी की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
लेकिन फिलहाल बाजार में यूरो खरीदने की इच्छा एक बार फिर कमजोर दिखाई दे रही है।
5-मिनट टाइमफ्रेम पर शुक्रवार को कई ट्रेडिंग सिग्नल बने, लेकिन सभी गलत साबित हुए।
जर्मनी की महंगाई रिपोर्ट ने तेजी की उम्मीद लगाए बैठे ट्रेडर्स का उत्साह ठंडा कर दिया। ये ट्रेडर्स साइडवेज रेंज के भीतर तेजी (Intra-range Rally) की उम्मीद कर रहे थे।
नवीनतम COT रिपोर्ट 27 अक्टूबर की है। वीकली टाइमफ्रेम पर गैर-वाणिज्यिक ट्रेडर्स (Non-commercial Traders) की नेट पोजीशन अभी भी मंदी (Bearish) का संकेत दे रही है। भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण 2026 में इसमें काफी गिरावट आई है।
पिछले आठ महीनों के दौरान ट्रेडर्स लगातार यूरो से बाहर निकलकर अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों में कोई बदलाव नहीं आया है और कुछ समय पर डॉलर ने रिजर्व करेंसी (Reserve Currency) के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई है।
हालांकि, हमें अभी भी अमेरिकी डॉलर में लगातार मजबूती बने रहने के कोई ठोस मौलिक कारण (Fundamental Reasons) दिखाई नहीं देते।
मध्य पूर्व के युद्ध ने अस्थायी रूप से डॉलर को निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बना दिया। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की मौद्रिक नीति के रुख ने इस साल दूसरी बार बाजार को चौंकाया।
लंबी अवधि में यूरो गिरकर लगभग 1.08 डॉलर तक पहुंच सकता है, जो ट्रेंडलाइन का स्तर है। हालांकि, लंबी अवधि का तेजी का ट्रेंड (Uptrend) अभी भी बरकरार है।
हाल के दिनों में बाजार ने केवल डॉलर के पक्ष में जाने वाले कारकों को कीमतों में शामिल किया है और बाकी सभी कारकों को नजरअंदाज किया है।
लाल और नीली इंडिकेटर लाइनों की स्थिति भी मंदड़ियों (Bears) की बढ़त का संकेत देती है।
पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान:
घंटे के टाइमफ्रेम (1H) पर EUR/USD में अपट्रेंड (Uptrend) बनने की संभावना है, लेकिन फिलहाल यह एक साइडवेज चैनल (Sideways Channel) में फंसा हुआ है।
डेली और वीकली चार्ट को देखने पर मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले ट्रेंड बनने की संभावना अभी भी काफी अधिक है।
हालांकि, यूरो की कीमत बढ़ने के लिए उसे खरीदना जरूरी है। लेकिन पिछले दो महीनों के दौरान हमने बाजार में यूरो खरीदने की ज्यादा दिलचस्पी नहीं देखी है।
मौजूदा बाजार के रुझान (Market Sentiment) के आधार पर हमारा मानना है कि यूरो में लगातार और मजबूत तेजी आने की संभावना अभी भी संदिग्ध है।
आज के लिए हम निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्तरों पर ध्यान दे रहे हैं:
इसके अलावा, इचिमोकू (Ichimoku) की निम्नलिखित लाइनें भी महत्वपूर्ण हैं:
ध्यान रखें कि इचिमोकू की लाइनें दिन के दौरान अपनी स्थिति बदल सकती हैं। इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल का आकलन करते समय इस बदलाव को ध्यान में रखें।
यदि कीमत सही दिशा में 15 पिप्स आगे बढ़ जाती है, तो सलाह दी जाती है कि स्टॉप लॉस (Stop Loss) को ब्रेकईवन (Breakeven) पर ले आएं। इससे यदि ट्रेडिंग सिग्नल गलत साबित होता है, तो संभावित नुकसान से बचाव हो सकता है।
सोमवार को अमेरिका का ISM मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स (ISM Manufacturing Index) ही एकमात्र महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ा है। अन्य आर्थिक रिपोर्टों का महत्व अपेक्षाकृत कम है।
हालांकि, सप्ताह के बाकी दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं होने वाली हैं, जिनसे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव (High Volatility) और कीमतों में अचानक उलटफेर (Sharp Reversals) देखने को मिल सकता है।
- शॉर्ट पोजीशन (Short Positions): यदि कीमत 1.1154–1.1165 के क्षेत्र से नीचे बनी रहती है, तो ट्रेडर्स 1.1115 के आसपास शॉर्ट पोजीशन खोलने पर विचार कर सकते हैं।
- लॉन्ग पोजीशन (Long Positions): यदि कीमत Senkou Span B लाइन के ऊपर बनी रहती है, तो 1.1221 और 1.1274 के स्तरों को लॉन्ग पोजीशन के संभावित लक्ष्य के रूप में देखा जा सकता है।
- सपोर्ट/रेजिस्टेंस प्राइस लेवल (Support/Resistance Price Levels): मोटी लाल रेखाएं उन क्षेत्रों को दर्शाती हैं जहां कीमत की चाल रुक सकती है। ये सीधे ट्रेडिंग सिग्नल नहीं देतीं।
- Kijun-sen और Senkou Span B: ये इचिमोकू इंडिकेटर की लाइनें हैं, जिन्हें 4 घंटे के टाइमफ्रेम से घंटे के चार्ट पर दिखाया गया है। ये मजबूत स्तर मानी जाती हैं।
- एक्सट्रीमम लेवल (Extremum Levels): पतली लाल रेखाएं उन पुराने स्तरों को दर्शाती हैं जहां से पहले कीमत में उछाल आया था। ये ट्रेडिंग सिग्नल देने का काम भी करती हैं।
- पीली रेखाएं (Yellow Lines): ये ट्रेंडलाइन, ट्रेंड चैनल और अन्य तकनीकी पैटर्न को दर्शाती हैं।
- इंडिकेटर 1 (COT): यह चार्ट पर प्रत्येक ट्रेडर श्रेणी की नेट पोजीशन (Net Position) का आकार दिखाता है।