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GBP/USD करेंसी पेयर में शुक्रवार को मामूली गिरावट आई, लेकिन इसके बावजूद यह तकनीकी रूप से स्पष्ट और तर्कसंगत चालें दिखा रहा है, जो ट्रेडर्स के लिए अनुकूल हैं।
घंटे के टाइमफ्रेम (1H) पर अभी भी एक नया अपट्रेंड (Uptrend) बनता दिखाई दे रहा है और फिलहाल इसके समाप्त होने का कोई संकेत नहीं है।
कीमत ने 1.3369–1.3377 के क्षेत्र तक करेक्शन किया है। यदि कीमत इस क्षेत्र से वापस ऊपर की ओर उछाल (Rebound) लेती है, तो तेजी का एक नया चरण शुरू हो सकता है।
मध्यम अवधि (Medium Term) में हम तकनीकी और मौलिक, दोनों आधारों पर ब्रिटिश पाउंड की तेजी का पूरा समर्थन करते हैं।
पाउंड डेली और वीकली टाइमफ्रेम पर अभी भी दो साइडवेज चैनलों के अंदर बना हुआ है। इन चैनलों की निचली सीमाओं से उछाल आने के बाद भी हमें उम्मीद है कि कीमत ऊपरी सीमाओं की ओर बढ़ेगी। इसका न्यूनतम लक्ष्य 1.3650 है।
हमारा यह भी मानना है कि बाजार ने अभी तक बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) की मौद्रिक सख्ती (Monetary Tightening) के प्रभाव को कीमतों में शामिल नहीं किया है, जबकि इसके इसी सप्ताह शुरू होने की संभावना दिखाई दे रही है।
2026 में भू-राजनीतिक परिस्थितियों और फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) जैसे दो मजबूत समर्थन कारकों के बावजूद डॉलर लंबी अवधि में कोई प्रभावशाली तेजी दर्ज नहीं कर पाया है। इसलिए लंबी अवधि में हम अभी भी ब्रिटिश पाउंड में मजबूती की उम्मीद कर रहे हैं।
शुक्रवार को ब्रिटेन या अमेरिका की ओर से कोई महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट जारी नहीं हुई।
तकनीकी रूप से ब्रिटिश पाउंड लगातार एक नया अपट्रेंड बना रहा है।
पाउंड की दैनिक कीमत Senkou Span B लाइन के नीचे बंद नहीं हुई है, इसलिए तेजी का रुझान (Bullish Bias) अभी भी बरकरार है।
1.3369–1.3377 का क्षेत्र भी करेंसी के लिए सपोर्ट (Support) का काम कर रहा है।
हमारा मानना है कि पाउंड के पास अपनी तेजी जारी रखने की पूरी संभावना और पर्याप्त कारण मौजूद हैं।
5-मिनट टाइमफ्रेम पर शुक्रवार को दो मजबूत बाय सिग्नल (Buy Signals) बने।
कीमत ने 1.3369–1.3377 के क्षेत्र से दो बार उछाल लिया, जिससे ट्रेडर्स को लॉन्ग पोजीशन (Long Positions) खोलने के अवसर मिले।
हालांकि, ट्रेडर्स निकटतम टारगेट क्षेत्र 1.3465–1.3480 तक नहीं पहुंच सके।
लेकिन इस सप्ताह नए बाय सिग्नल बनने और कीमत में आगे तेजी आने की संभावना बनी हुई है।
पाउंड से संबंधित COT रिपोर्ट (Commitment of Traders) से पता चलता है कि गैर-वाणिज्यिक ट्रेडर्स (Non-commercial Traders) पिछले कई महीनों से लगातार नेट सेलर्स (Net Sellers) बने हुए हैं। लंबे समय से तेजी का रुझान जारी रहने के बावजूद उनकी नेट पोजीशन (Net Position) नकारात्मक है।
मध्य पूर्व की घटनाओं को देखते हुए, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि 2026 में डॉलर की मांग अपेक्षाकृत मजबूत रही है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध फिलहाल औपचारिक रूप से रुका हुआ है, लेकिन इसके जल्द दोबारा शुरू होने की आशंका बनी हुई है।
फेडरल रिजर्व (Fed) की बदली हुई मौद्रिक नीति का रुख भी डॉलर को समर्थन दे रहा है। इसके अलावा, डॉलर की ऊपर की ओर जाती ट्रेंडलाइन टूट चुकी है। हालांकि, यह ब्रेकआउट एक साइडवेज मार्केट (Flat Market) के दौरान हुआ था, इसलिए हम इसे तेजी के ट्रेंड के समाप्त होने का संकेत नहीं मानते।
लंबी अवधि में अमेरिकी नीतिगत रुझानों के कारण डॉलर लगातार कमजोर हो रहा है, जैसा कि वीकली टाइमफ्रेम पर भी दिखाई देता है।
व्यापार से जुड़े तनाव (Trade Tensions) किसी न किसी रूप में जारी रहेंगे और अमेरिकी नीतियां सामान्यतः डॉलर को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं।
27 अक्टूबर की नवीनतम COT रिपोर्ट के अनुसार:
घंटे के टाइमफ्रेम (1H) पर GBP/USD लगातार एक व्यवस्थित और तर्कसंगत अपट्रेंड (Uptrend) बना रहा है।
डेली और वीकली टाइमफ्रेम पर कीमत ने हाल के निचले स्तरों से लिक्विडिटी (Liquidity) को क्लियर किया है और अभी भी साइडवेज चैनलों (Sideways Channels) के अंदर बनी हुई है।
इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि ब्रिटिश पाउंड कम से कम 1.3650 के स्तर तक बढ़ेगा, जो डेली साइडवेज चैनल की ऊपरी सीमा है।
पाउंड की तेजी के लिए किसी विशेष कारण की आवश्यकता नहीं है, ठीक उसी तरह जैसे पिछले डेढ़ से दो महीनों में डॉलर की तेजी के लिए भी किसी खास कारण की आवश्यकता नहीं थी।
आज के लिए हम निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्तरों पर ध्यान दे रहे हैं:
इसके अलावा, Senkou Span B लाइन (1.3277) और Kijun-sen लाइन (1.3351) भी ट्रेडिंग सिग्नल दे सकती हैं।
सलाह दी जाती है कि जब कीमत ट्रेड की सही दिशा में 20 पिप्स आगे बढ़ जाए, तो स्टॉप लॉस (Stop Loss) को ब्रेकईवन (Breakeven) पर ले आएं।
ध्यान रखें कि इचिमोकू (Ichimoku) की लाइनें दिन के दौरान अपनी स्थिति बदल सकती हैं। ट्रेडिंग सिग्नल निर्धारित करते समय इस बात को ध्यान में रखना चाहिए।
आज ब्रिटेन में कोई बड़ी आर्थिक घटना या महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट जारी होने वाली नहीं है।
अमेरिका में ISM मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स (ISM Manufacturing Index) जारी किया जाएगा, जिस पर ट्रेडर्स प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
कल अमेरिका में मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections) होने वाले हैं। इस घटना का असर भी करेंसी मार्केट पर पड़ सकता है।
- शॉर्ट पोजीशन (Short Positions): यदि कीमत 1.3369–1.3377 के क्षेत्र से नीचे बनी रहती है, तो ट्रेडर्स 1.3301–1.3309 के स्तर को शॉर्ट पोजीशन के संभावित लक्ष्य के रूप में देख सकते हैं।
- लॉन्ग पोजीशन (Long Positions): यदि कीमत 1.3369–1.3377 के क्षेत्र से उछाल (Rebound) लेती है, तो लॉन्ग पोजीशन के लिए 1.3465–1.3480 का स्तर लक्ष्य हो सकता है।
- सपोर्ट/रेजिस्टेंस प्राइस लेवल (Support/Resistance Price Levels): मोटी लाल रेखाएं उन क्षेत्रों को दर्शाती हैं जहां कीमत की चाल रुक सकती है या पलट सकती है। ये सीधे ट्रेडिंग सिग्नल नहीं देतीं।
- Kijun-sen और Senkou Span B: ये इचिमोकू इंडिकेटर की लाइनें हैं, जिन्हें 4 घंटे के टाइमफ्रेम से घंटे के चार्ट पर दिखाया गया है। ये मजबूत सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर के रूप में काम करती हैं।
- एक्सट्रीमम लेवल (Extremum Levels): पतली लाल रेखाएं उन पुराने स्तरों को दर्शाती हैं जहां से पहले कीमत में उछाल आया था। ये ट्रेडिंग सिग्नल देने का काम भी करती हैं।
- पीली रेखाएं (Yellow Lines): ये ट्रेंडलाइन, ट्रेंड चैनल और अन्य तकनीकी पैटर्न को दर्शाती हैं।
- चार्ट का इंडिकेटर 1 (COT): यह प्रत्येक ट्रेडर श्रेणी की नेट पोजीशन (Net Position) का आकार दिखाता है। यानी ट्रेडर्स के BUY और SELL कॉन्ट्रैक्ट के बीच का अंतर।