भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रमुख नीतिगत ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी, जो 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 5.25% प्रति वर्ष पर बनाए रखने का निर्णय लिया, जो विश्लेषकों के आम अनुमान के बिल्कुल अनुरूप है। यह ब्याज दर 2022 के मध्य के बाद के सबसे निचले स्तर पर बनी हुई है। भारतीय नियामक ने यह यथास्थिति ऐसे समय में बनाए रखी है जब मध्य पूर्व के संघर्ष, व्यापार मार्गों में बाधाओं और अमेरिका द्वारा नए व्यापारिक शुल्क लगाए जाने के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बढ़ रही है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश में उपभोक्ता कीमतों की वृद्धि तेज हो रही है। भारत में महंगाई लगातार आठवें महीने बढ़कर जून में 4.38% (साल-दर-साल) पहुंच गई, जो दिसंबर 2024 के बाद की सबसे तेज गति है। RBI ने कहा कि ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतें इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह हैं, लेकिन इसका असर अभी तक व्यापक महंगाई दबाव के रूप में नहीं फैला है। केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि मुख्य महंगाई (Headline Inflation) 2026 की तीसरी तिमाही से लेकर 2027 के दौरान अपने चरम पर पहुंचेगी। साथ ही RBI ने 2026 के लिए अपने कुल महंगाई अनुमान को थोड़ा घटाते हुए 5.1% से 5.0% कर दिया है।