व्यापार असंतुलन और चीन की घटती मांग से यूरोपीय उद्योग पर दबाव बढ़ा
यूरोपीय संघ (EU) और चीन के बीच बढ़ता व्यापार घाटा अब यूरोपीय अर्थव्यवस्था को हर दिन लगभग 1 अरब यूरो का नुकसान पहुँचा रहा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्ट्रासबर्ग में सांसदों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी समर्थन प्राप्त सस्ते चीनी सामान की बड़ी मात्रा यूरोपीय कारखानों पर भारी दबाव डाल रही है। इससे कारखानों के बंद होने और पारंपरिक औद्योगिक केंद्रों के कमजोर पड़ने का खतरा बढ़ रहा है।
इसके जवाब में, ब्रसेल्स ने बीजिंग के साथ बातचीत तेज कर दी है, ताकि निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बहाल की जा सके और यूरोपीय व्यवसायों की सुरक्षा की जा सके। इसी बीच, चीन में घरेलू मांग भी काफी कमजोर हुई है, जिसके कारण चीनी आपूर्तिकर्ता यूरोपीय संघ के खरीदारों पर पहले से अधिक निर्भर हो रहे हैं।
हालाँकि बयान में कड़ा रुख अपनाया गया, लेकिन वॉन डेर लेयेन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अनुचित प्रतिस्पर्धा के खिलाफ ब्रसेल्स कौन से विशेष कदम, टैरिफ या व्यापारिक बाधाएँ लागू कर सकता है।
बढ़ते व्यापार प्रवाह के बीच दोनों पक्षों के बीच विवाद भी तेज हो रहे हैं। इस साल अब तक द्विपक्षीय व्यापार 608 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है, जो 12% से ज्यादा की वृद्धि है।
हालाँकि, व्यापार का संतुलन अब भी एकतरफा है। चीन से यूरोप को होने वाला निर्यात लगभग 425 अरब डॉलर है, जबकि यूरोप से चीन को होने वाला निर्यात लगभग 182 अरब डॉलर है। यह बड़ा अंतर एशियाई निर्माताओं को कीमतों के मामले में बढ़त बनाए रखने में मदद करता है।